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21 साल के नेहल वढेरा ने तोड़ा 66 साल पुराना रिकॉर्ड, 578 रन की पारी में ठोके 42 चौके और 37 छक्के; युवराज सिंह से भी है खास कनेक्शन

21 साल के नेहल वढेरा ने गुरुवार यानी 28 अप्रैल को लुधियाना के जीआरडी क्रिकेट ग्राउंड में पंजाब राज्य अंतर-जिला टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में बठिंडा अंडर-23 टीम के खिलाफ 578 रन बनाए। लुधियाना का प्रतिनिधित्व करने वाले नेहल ने 414 गेंद की अपनी पारी के दौरान 42 चौके और 37 छक्के लगाए। नेहल की इस हिमालय पारी के दम पर लुधियाना ने 4 दिवसीय मैच के दूसरे दिन 6 विकेट पर 880 रन बनाकर अपनी पारी घोषित की। जवाब में, बठिंडा ने दिन का खेल खत्म होने के समय तक 4 विकेट पर 117 रन बनाए थे।

नेहल वढेरा ने इसके साथ ही राज्य आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट में सर्वाधिक स्कोर बनाने का 66 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। नेहल से पहले यह रिकॉर्ड पंजाब के पूर्व क्रिकेटर चमन लाल मल्होत्रा ​​​​के नाम था। नेहल ने विश्व स्तर पर 3 नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए क्रिकेट के किसी भी फॉर्मेट में सर्वकालिक सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोरर की सूची में भी जगह बनाई।

नेहल ने 139 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से 414 गेंद में 578 का स्कोर किया। इतनी बड़ी पारी के दौरान इतने स्ट्राइक रेट से रन बनाने की खबर इससे पहले शायद ही किसी ने पढ़ी या सुनी हो। उन्होंने सबसे तेज 200, सबसे तेज 300, सबसे तेज 400 और सबसे तेज 500 रन बनाए हैं। हालांकि, यह प्रथम श्रेणी क्रिकेट नहीं है, फिर भी यह एक महान उपलब्धि है।

महज सात महीने पहले, नेहल को जेपी अत्रे मेमोरियल नेशनल वनडे टूर्नामेंट के 26 साल के इतिहास में अब तक का सबसे ज्यादा स्कोर करने वाला खिलाड़ी घोषित किया गया था। उस दिन, उन्होंने आरबीआई मुंबई इलेवन के खिलाफ मैच में 171 रन बनाए थे और ललित यादव के 168 और शिखर धवन के 161 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा था।

बाएं हाथ के बल्लेबाज नेहल वढेरा युवराज सिंह के बहुत बड़े फैन हैं और उन्हें अपना आदर्श मानते हैं। उनका युवराज सिंह से खास कनेक्शन भी है। युवराज सिंह ने साल 2000 में नैरोबी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। युवराज के इंटरनेशनल डेब्यू से एक महीने पहले ही नेहल का जन्म हुआ था।

नेहल वढेरा ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ को बताया, ‘मैंने अब तक यह नहीं देखा है कि मैंने विश्व रिकॉर्ड बनाया है या नहीं, लेकिन मैं अपने प्रदर्शन से खुश हूं। हम टूर्नामेंट जीतने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं, क्योंकि मेरा योगदान टीम के लिए है।’

नेहल के पिता कमल वढेरा लुधियाना में एक कोचिंग संस्थान चलाते हैं। नेहल वढेरा ने चरणजीत भंगू के मार्गदर्शन में लुधियाना जिला क्रिकेट संघ में खेल खेलना शुरू किया था। चरणजीत भंगू कहते हैं, ‘युवी की याद दिला दी।’

चरणजीत पुरानी यादें ताजा करते हुए कहते हैं, ‘मुझे ठीक से तारीख याद नहीं है, लेकिन लुधियाना के खिलाफ एक मैच में युवी ने चंडीगढ़ के लिए लगभग 400 रन बनाए थे। मैं लुधियाना के लिए उस मैच में विकेटकीपर था।’

उन्होंने कहा, ‘नेहल मेरे पास तब आया था, जब मिडिल स्कूल में था। मैंने उनमें बचपन से ही एक चिंगारी देखी है। आप उनमें (नेहल) युवराज की झलक देख सकते हैं।’

नेहल भारतीय अंडर-19 टीम के पूर्व सदस्य हैं। जुलाई 2018 में श्रीलंका के दौरे के दौरान, उन्होंने दो अर्धशतक लगाए थे। जिसमें उनका एक अर्धशतक (81 रन) अंतरराष्ट्रीय अंडर-19 में पदार्पण पर था। उन्होंने 2017-18 कूचबिहार ट्रॉफी में 6 अर्धशतकों के साथ 540 रन बनाए थे।

 

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