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Watermelon During Pregnancy: प्रेग्नेंसी में तरबूज खाने से सेहत को मिलते हैं ये फायदे, रखें इन बातों का ध्यान

Benefits Of Watermelon: प्रेग्नेंसी के दौरान एक महिला का शरीर कई तरह के बदलाव से होकर गुजरता है। इस समय खाने पीने में थोड़ी सी भी लापरवाही करने से मां और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों को खतरा हो सकता है। जब कोई महिला गर्भवती होती है तो उसे कई चीजें खाने की मनाही होती है। ऐसे में कई महिलाओं के मन को यह सवाल परेशान करता है कि क्या गर्भावस्था में तरबूज का सेवन करना चाहिए या नहीं।

तरबूज में कई पोषक तत्वों के साथ फाइबर, आयरन, विटामिंस, मैग्नीशियम, पोटैशियम, लाइकोपीन आदि मौजूद होते हैं। जो  गर्भावस्था में होने वाली परेशानियों जैसे मॉर्निंग सिकनेस, डिहाइड्रेशन, एसिडिटी, सीने में जलन जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करते हैं।

प्रेग्नेंसी में तरबूज खाने के फायदे-
-प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को सीने में जलन, गैस जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में तरबूज में मौजूद कूलिंग प्रॉपर्टीज पेट की जलन, गैस को शांत करने में मदद करती है।
-गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में हाथ-पैरों में सूजन की समस्या बहुत कॉमन होती है। ऐसे में तरबूज जैसे फल जिसमें पानी की मात्रा अधिक होती है नसों और मांसपेशियों में ब्लॉकेज होने से बचाव करते हैं, जिससे सूजन की समस्या में राहत मिलती है।
-प्रेग्नेंसी में बॉडी को हाईड्रेट रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी जाती है, ताकि गर्भ में पल रहे शिशु को कोई समस्या ना हो। गर्भवती महिला को डिहाइड्रेशन होने पर समय से पहले डिलीवरी का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में इस समस्या से बचने के लिए आप पानी वाले फल जैसे तरबूज, खरबूजा, खीरा, का सेवन कर सकती हैं। तरबूज का सेवन यूरिनरी ट्रैक इंफेक्शन को भी कम करने में मदद करता है।
-प्रेग्नेंसी की वजह से कई महिलाओं को त्वचा से जुड़ी समस्याएं जैसे मुंहासे, पिग्मेंटेशन, झाइयां परेशान करने लगती हैं। ऐसे में तरबूज में मौजूद फाइबर बाउल मूवमेंट को सुचारू बनाए रखता है जिससे पेट साफ रहता है और महिला को कब्ज की समस्या भी नहीं होती है। पेट साफ रहने से महिला को त्वचा से संबंधित समस्याएं भी परेशान नहीं करती हैं।
– प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं की इम्यनिटी कमजोर हो जाती है। जिसे बूस्ट करने के लिए तरबूज का सेवन किया जा सकता है। तरबूज में एंटीऑक्सीडेंट लाइकोपीन होता है, जो प्रीएक्लेम्प्सिया के जोखिम को कम कर देता है।

ध्यान रखें ये बातें-
-यदि  तरबूज को अधिक मात्रा में खाया जाए तो ब्लड में ग्लूकोज का स्तर बढ़ सकता है और महिला को जेस्टेशनल डायबिटीज भी हो सकती है।
-गर्भावस्था के दौरान यदि आप ताजा तरबूज नहीं खाती हैं तो आपको मतली, उल्टी और गैस से संबंधित समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए काफी समय तक कटे हुए तरबूज को खाने से भी बचना चाहिए।
-तरबूज में डिटॉक्‍सीफाइंग के गुण पाए जाते हैं। ऐसे में तरबूज का अधिक सेवन करने से शरीर के अच्छे पोषक तत्व शरीर से बाहर निकल जाएंगे।
-तरबूज का सेवन एक सीमित मात्रा में करें। आप डॉक्टर से भी तरबूज खाने की मात्रा को लेकर सलाह ले सकती हैं।

 

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