जॉब करियर

विश्वविद्यालयों व कॉलेजों के लेक्चरर और प्रोफेसरों को प्रमोशन के लिए अब नहीं देनी होगी यह परीक्षा

गुजरात में सरकारी और सरकार द्वारा सहायता प्राप्त कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के लेक्चररों और प्रोफेसरों को अब प्रमोशन के लिए सीसीसी प्लस (कम्प्यूटर अवधारणाओं पर पाठ्यक्रम) तथा गुजराती या हिंदी भाषा की परीक्षाएं पास करने की जरूरत नहीं होगी। गुजरात के शिक्षा मंत्री जीतू वाघानी ने गांधीनगर में कहा कि इस फैसले से कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के करीब 3,500 शिक्षकों को लाभ मिलेगा।

सीसीसी प्लस एक सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम है जिसमें सरकारी कर्मियों को प्रारंभिक स्तर की कम्प्यूटर शिक्षा दी जाती है।

गुजरात सरकार ने फरवरी 2019 में एक सरकारी संकल्प (जीआर) जारी कर कहा था कि व्याख्याताओं और प्राध्यापकों को पदोन्नति के लिए तथा राज्य में लागू सातवें वेतन आयोग के वेतनमान के तहत कॅरियर एडवांसमेंट स्कीम (सीएएस) के अनुसार अधिक वेतन प्राप्त करने के लिए सीसीसी प्लस का प्रमाणपत्र प्राप्त करना होगा और हिंदी तथा गुजराती भाषाओं की परीक्षा में भी उत्तीर्ण होना पड़ेगा।

वाघानी ने कहा कि राज्य सरकार ने अब इस शर्त को जीआर से हटाने का तथा पदोन्नति देने की प्रक्रिया फिर शुरू करने का फैसला किया है।

उन्होंने कहा कि पिछले छह साल से कई व्याख्याता और प्राध्यापक पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं। मंत्री ने बताया कि गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अनेक कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के शिक्षक संघों के अनुरोध के बाद यह फैसला लिया।

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