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चौटाला को 4 साल कैद, 50 लाख जुर्माना

आय से अधिक संपत्ति मामले में विशेष अदालत का फैसला

चंडीगढ़ :  हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला को चार साल की कैद सुनाई गई है। शुक्रवार को नयी दिल्ली की राउज एवेन्यू स्पेशल कोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति मामले में चौटाला को यह सजा सुनाई। चौटाला पर पचास लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं देने की सूरत में उन्हें छह महीने और सजा काटनी होगी। कोर्ट के फैसले के बाद चौटाला को हिरासत में ले लिया गया। इससे पहले चौटाला जेबीटी भर्ती मामले में 10 साल की सजा काट चुके हैं। स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने यह सजा दी थी। पूर्व सीएम इसलिए फंसे थे क्योंकि भर्ती के समय शिक्षा मंत्रालय उनके पास था। 2 जुलाई, 2021 को ही चौटाला की दस साल की सजा पूरी होने के बाद वे तिहाड़ जेल से रिहा हुए।

यहां बता दें कि आय से अधिक संपत्ति का केस जजपा सुप्रीमो व पूर्व सांसद डॉ. अजय सिंह चौटाला तथा ऐलनाबाद से इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला के खिलाफ भी चल रहा है। शुक्रवार को कोर्ट में जज के सामने चौटाला के वकीलों ने उनकी बीमार हालत, विकलांगता व उम्र का हवाला देते हुए कम से कम सजा दिए जाने का आग्रह भी किया। वहीं दूसरी ओर, सीबीआई वकील की ओर से अधिक से अधिक सजा दिए जाने की मांग की गई। व्हील चेयर पर कोर्ट पहुंचे चौटाला ने भी अपनी उम्र, विकलांगता और जांच में किए गए सहयोग का हवाला देते हुए रहम की अपील की। उन्होंने कहा, ‘जेल में रहते हुए ही मैंने 10वीं और बारहवीं की परीक्षा पास की है। मेरी विकलांगता 90 प्रतिशत तक पहुंच गई है।’ पूछे जाने पर कोर्ट को बताया गया कि चौटाला के पास 60 प्रतिशत विकलांगता का सर्टिफिकेट है।

आय से 6.09 करोड़ अधिक :सीबीआई ने 26 मार्च, 2010 में चौटाला के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। उन पर करीब 6 करोड़ 9 लाख रुपये आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप थे। वर्ष 2019 में ईडी ने 3.68 करोड़ की संपत्तियों को सील किया था। कोर्ट के फैसले के साथ ही चौटाला की चार प्रॉपर्टी अटैच की गई हैं।

हाईकोर्ट में देंगे चुनौती : अभय

पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला को सजा सुनाए जाने के बाद इनेलो विधायक अभय चौटाला ने कहा है कि अदालत के फैसले का कानूनी दृष्टिकोण से अवलोकन किया जा रहा है। सोमवार या मंगलवार को इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी। उन्होंने कहा, ‘हमें पूरी उम्मीद है कि हाईकोर्ट से राहत मिलेगी।’ उन्होंने कहा कि अदालत के फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट के वकीलों से भी हर पहलू पर चर्चा की जा रही है।

जांच के दायरे में आई ये प्रॉपर्टी

ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय द्वारा धन शोधन निवारण अधिनियम-2002 (पीएमएलए) के तहत लम्बे समय से कार्रवाई की जा रही थी। 4 दिसंबर, 2019 को चौटाला के तेजाखेड़ा स्थित फार्म हाउस में चौटाला के हिस्से आने वाले भाग को भी ईडी ने सीज किया था। उस समय ईडी ने कुल 198 कनाल 15 मरला जमीन और आवासीय क्षेत्र को अटैच किया था। ईडी ने आय से अधिक संपत्ति के आरोपों को साबित करने के लिए चौटाला की कई प्रॉपर्टी की जांच की। अकेले सिरसा जिले में दर्जनभर से अधिक प्रॉपर्टी जांची गई। ईडी की जांच के दायरे में डबवाली के चौटाला हाईवे पर 14 कनाल जमीन पर चल रहे आबकारी एवं कराधान विभाग का कार्यालय भी आया था। सिरसा में सिनेमा के सामने डबवाली रोड पर स्थित शिवाजी कॉलोनी में 590 वर्ग यार्ड का व्यावसायिक भवन की कीमत का भी मूल्यांकन किया गया। डबवाली में चौटाला हाईवे पर बिल्डिंग है, जिसमें कण ऑटो मोबाइल के नाम से बाइक एजेंसी चल रही है। उसे भी जांच में शामिल किया था।

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