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JNU की दीवार पर नारे लिखने वाले ने देश की संस्कृति पर किया प्रहार, अनिल विज बोले- ऐसी सोच को कुचल देना चाहिए

जवाहरलाल नेहरू परिसर के परिसर की कई दीवारों पर ब्राह्मण विरोधी नारे लिखे हुए थे, जिसमें परिसर के ब्राह्मणों को धमकी दी गई थी। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने एक बयान जारी कर इस घटना की निंदा की और परिसर को विकृत करने के लिए 'अज्ञात तत्वों' को जिम्मेदार ठहराया। घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

 

जेएनयू कैंपस की इमारतों पर कुछ विवादास्पद नारे लिखे जाने का मामला सामने आया है। इनकी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। जेएनयू के कुछ छात्रों के अनुसार कुछ जाति समूह के खालिफ इन नारों को लिखा गया। इसके अलावा दावा किया गया कि स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज की एक इमारत में तोड़फोड़ भी की गई। हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार जवाहरलाल नेहरू परिसर के परिसर की कई दीवारों पर ब्राह्मण विरोधी नारे लिखे हुए थे, जिसमें परिसर के ब्राह्मणों को धमकी दी गई थी। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने एक बयान जारी कर इस घटना की निंदा की और परिसर को विकृत करने के लिए ‘अज्ञात तत्वों’ को जिम्मेदार ठहराया। घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

नारे स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज-द्वितीय भवन की दीवारों पर पाए गए। नलिन कुमार महापात्र, राज यादव, प्रवेश कुमार और वंदना मिश्रा सहित कई ब्राह्मण प्रोफेसरों के कक्षों की दीवार पर ‘गो बैक टू शाखा’ लिखा हुआ था। जेएनयू में दीवार पर विवादित और आपत्तिजनक टिप्पणी लिखने का मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट के वकील विनीत जिंदल ने दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

अनिल विज ने ट्वीट करते हुए लिखा कि जेएनयू की दीवारों पर ब्राह्मण और बनिया विरोधी नारे बहुत ही घातक है। जे एन यू की दीवारों पर ब्राह्मण और बनिया विरोधी नारे बहुत ही घातक है क्योंकि ब्राह्मण हमारे देश के धर्म और संस्कृति को जिंदा रखे हैं और बनिया देश के व्यापार में एहम भूमिका अदा कर रहा है नारे लिखने वाले ने देश की संस्कृति और व्यापार पर प्रहार किया है ऐसी सोच को कुचल देना चाहिए ।

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