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हिमाचल में त्रिशंकु विधानसभा के आसार, रुझानों में भाजपा-कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर

खबर यह भी है कि इन तीन में से दो वह उम्मीदवार हैं जिन्हें भाजपा ने टिकट नहीं दिया था और वह इस बार निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरे थे। हिमाचल में बीजेपी के जो बाकी उम्मीदवार आगे चल रहे हैं, उनमें होशियार सिंह और केएल ठाकुर शामिल हैं।

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के आयोजन नतीजे आ रहे हैं। शुरुआती रुझानों में भाजपा और कांग्रेस के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिल रही है। हिमाचल प्रदेश में कुल 68 सीटें हैं। 68 सीटों पर भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर चल रही है। ताजा रुझानों में देखें तो भाजपा 32 सीटों पर अपनी बढ़त बनाई हुई है जबकि 33 सीटों पर कांग्रेस आगे है। 3 सीट अन्य के पास है। खबर यह भी है कि इन तीन में से दो वह उम्मीदवार हैं जिन्हें भाजपा ने टिकट नहीं दिया था और वह इस बार निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरे थे। हिमाचल में बीजेपी के जो बाकी उम्मीदवार आगे चल रहे हैं, उनमें होशियार सिंह और केएल ठाकुर शामिल हैं।

हिमाचल प्रदेश में हर 5 साल में राज बदलता रहा है। यानी कि सत्ता परिवर्तन होता रहा है। लेकिन अब देखना दिलचस्प होगा कि आखिरी नतीजा किसके पक्ष में आता है। लेकिन अब तक के रुझानों के मुताबिक हिमाचल प्रदेश त्रिशंकु विधानसभा की ओर बढ़ रहा है। हिमाचल प्रदेश में 68 सीटें हैं बहुमत के लिए 35 सीटों की आवश्यकता है। हिमाचल प्रदेश में भाजपा अपने शासन को हर हाल में बचाना चाहेगी। वहीं, कांग्रेस से भी उसे कड़ी चुनौती मिल रही है। पुराना पेंशन मुद्दा भी हिमाचल में इस बार बड़ा मुद्दा था। कांग्रेस ने उसे जमकर उठाया था। कांग्रेस के लिए राहत की बात यह है कि हिमाचल प्रदेश में कहीं ना कहीं वह अच्छी टक्कर देती हुई दिखाई दे रही है। हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत लगाई थी। हिमाचल प्रदेश में प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी खूब प्रचार किया था।
दूसरी ओर कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर रस्सा-कस्सी शुरू हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी और हिमाचल प्रदेश कांग्रेस प्रमुख प्रतिभा सिंह ने संकेत दिया कि अगर पार्टी विधानसभा चुनाव जीतती है तो “होली लॉज” – परिवार का पैतृक घर – मुख्यमंत्री पद के लिए इच्छुक है। वीरभद्र सिंह का पिछले साल निधन हो गया था। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि कई लोगों को लगा कि पहली बार वीरभद्र सिंह हमारे बीच नहीं हैं और उन्हें उनका कर्ज चुकाना होगा। उन्होंने कहा कि अगर जीतने वाले कांग्रेस उम्मीदवारों में से अधिकांश ‘होली लॉज’ और ‘राजा साहब’ का नाम लेते हैं और उनकी विरासत को पहचानते हैं, तो यह भावना पार्टी आलाकमान तक पहुंच जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया, “आलाकमान द्वारा जो तय किया जाएगा वह हमें स्वीकार्य होगा।”

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