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पुरानी पेंशन बहाली को लेकर होगा राष्ट्रव्यापी आंदोलन

न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) को खत्म कर पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने की मांग को लेकर कर्मचारियों ने राष्ट्रव्यापी आंदोलन का फैसला लिया है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि अगर सरकार ने उनकी मांगों को स्वीकार नहीं किया तो वे राष्ट्रीय हड़ताल का भी निर्णय लेंगे। इस बीच, कर्मचारियों ने संसद के बजट सत्र के दौरान धरना देने का ऐलान किया है।

बृहस्पतिवार को नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में हुए ऑल इंडिया स्टेट गवर्नमेंट एम्पलाइज फेडरेशन और कन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्पलाइज एंड वर्कर्स के संयुक्त सम्मेलन में यह निर्णय लिया गया। सम्मेलन में देशभर से दोनों संगठनों के पांच हजार से ज्यादा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। सम्मेलन की अध्यक्षता ऑल इंडिया स्टेट गवर्नमेंट एम्पलाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा व कन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्पलाइज एंड वर्कर्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवींद्रन नायर ने संयुक्त रूप से की। सम्मेलन का उद्घाटन सेंटर ऑफ ट्रेड यूनियन की राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ. हेमलता ने किया। उन्होंने कर्मियों की मांगों और घोषित आंदोलन का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने कर्मियों को 5 अप्रैल को नई दिल्ली में होने वाली किसान मजदूर रैली का भी निमंत्रण दिया। सम्मेलन में पुरानी पेंशन बहाली व अनुबंध कर्मचारियों की रेगुलराइजेशन आदि 7 सूत्रीय मांगों को लेकर केंद्र एवं राज्य सरकार के कर्मचारियों ने राष्ट्रव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। सम्मेलन में लिए फैसलों को लेकर लांबा ने कहा कि केंद्र सरकार के कर्मचारी विरोधी रवैये के खिलाफ आगामी बजट सत्र में केंद्र एवं राज्य सरकार के कर्मचारी संसद पर सामूहिक धरना देंगे।

इसकी तैयारियों को लेकर दिसंबर में सभी राज्यों में राज्यस्तरीय संयुक्त सम्मेलन आयोजित होंगे। जनवरी व फरवरी में देश के सभी जिलों में जिला सम्मेलन किए जाएंगे, और मार्च व अप्रैल में तहसील व ताल्लुक स्तर पर कर्मचारी सम्मेलन होंगे। जुलाई व अगस्त में देश के चारों कोनों से सैकड़ों वाहन जत्थे चलाए जाएंगे, जोकि सितंबर-2023 में संसद के लिए रवाना होंगे, इस बीच नई दिल्ली में विशाल रैली की जाएगी।

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